अंबेडकर नगर। पांच दिवसीय श्रवण क्षेत्र महोत्सव के पांचवें व अंतिम दिवस में दिव्यता भव्यता को संयोजे हुए ब्रह्म शिरोमणि शिव बाबा धाम ऐतिहासिक मैदान प्रांगण में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रवण धाम भूमि सामान्य भूमि नहीं है स्थान का अपना महत्व होता है।
अनजाने में भी गलती होने पर जीवन में भोगना पड़ता है , धर्मात्मा राजा दशरथ से अनजाने में हुई चूक के कारण उन्हें भी पुत्र वियोग में प्राण त्यागना पड़ा। श्री सिंह ने कहा कि मातृ पितृ भक्ति के अनुपम उदाहरण श्रवण कुमार जी से शिक्षा लेते हुए हमें अपने मां-बाप की सेवा करनी चाहिए, इतना ही नहीं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जिस मां के नाते 14 वर्ष बनवास गए थे उन माता कर कैकेई प्रति अपार श्रद्धा थी। आज भाई-भाई के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर हत्या तक का विवाद हो जा रहा है लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भारत दोनों एक दूसरे को राजा बनना चाहते थे इसीलिए जरूर इस बात की है जो देश धनवान हो जाए लेकिन अगर वहां के लोगों में आचरण और अपनी संस्कृति के प्रति श्रद्धा नहीं है तो वह देश कभी भी महान नहीं बन सकता। इस अवसर पर उन्होंने आयोजक अनुपम पांडेय को उनके पिता एमएलसी हरिओम पांडेय के यश कीर्ति को बढ़ाने पर सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया



