◆ दिनभर पैमाइश के बाद रात के अंधेरे में हुई कार्रवाई, गांव में तनावपूर्ण रहा माहौल; जमीन को लेकर दोनों पक्षों में अलग-अलग दावे
जलालपुर, अंबेडकर नगर। जलालपुर तहसील क्षेत्र के जैनापुर गांव में चकमार्ग की पैमाइश के बाद देर रात जेसीबी से मिट्टी की पटाई कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस दौरान धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा। देर शाम तक चली पैमाइश के बाद रात के अंधेरे में हुई कार्रवाई को लेकर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। वहीं, जमीन के स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैनापुर गांव निवासी इंद्रजीत ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों के नक्शे में पूर्व से चकमार्ग के रूप में दर्ज है, लेकिन गांव के ही विष्णु दत्त पांडे पर उस पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया था। लगातार शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी ने चकबंदी विभाग को स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
बताया जाता है कि जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर चकबंदी विभाग की टीम नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह के साथ मौके पर पहुंची। इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। टीम ने देर शाम तक पैमाइश कर चकमार्ग को चिह्नित किया। इसके बाद देर रात जेसीबी लगाकर संबंधित स्थान पर मिट्टी की पटाई कराई गई। आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान धान की तैयार फसल भी प्रभावित हुई।
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं, दूसरे पक्ष के विष्णु दत्त पांडे ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित जमीन उनकी खतौनी में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात तक जबरन मिट्टी की पटाई कराई। एक पक्ष चकमार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष ने जमीन को अपनी खतौनी का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई को गलत ठहराया है। इस संबंध में जलालपुर नायाब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर चकबंदी विभाग द्वारा पैमाइश कर चिन्हित किया गया है।