अम्बेडकर नगर। निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं उनके बेहतर देखभाल के उद्देश्य से बुधवार को जनपद की सभी 38 गौशालाओं में गो संवर्धन एवं गौ सेवा दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी एवं जनपद स्तर से नामित नोडल अधिकारियों ने गौशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा बीमार पाए गए गोवंशों का उपचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जनपद की सभी गौशालाओं में कुल 4,996 गोवंश संरक्षित हैं। सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसा, पशु आहार एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही गोवंशों को नियमित रूप से हरा चारा भी खिलाया जा रहा है।
ठंड को देखते हुए गौशालाओं में विशेष इंतजाम किए गए हैं। रात्रि में अलाव जलाए जा रहे हैं तथा शेड के अंदर पराली का उपयोग बिछावन के रूप में किया जा रहा है, जिससे गोवंशों को ठंड से बचाया जा सके। इसके अलावा जनपद में गोवंश संरक्षण अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। दिसंबर माह के दौरान विभिन्न विकास खंडों से 96 निराश्रित गोवंशों को पकड़वाकर अलग-अलग गौशालाओं में संरक्षित कराया गया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने जनपदवासियों एवं किसानों से अपील की है कि यदि कहीं निराश्रित गोवंश दिखाई दें तो संबंधित खंड विकास अधिकारी, पंचायत सचिव अथवा पशुपालन विभाग को तत्काल सूचना दें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गौशालाओं से गोवंश किसानों को सुपुर्दगी में भी दिए जा रहे हैं। एक पशुपालक अधिकतम चार गोवंश प्राप्त कर सकता है, जिनके भरण-पोषण हेतु सरकार द्वारा प्रति गोवंश 15 सौ प्रतिमाह, अधिकतम छः हजार तक की सहायता दी जा रही है।