जलालपुर, अंबेडकर नगर। चकबंदी विभाग द्वारा खेत की पैमाइश कर निशानदेही करने तथा पिलर और जालीदार तार लगाकर कब्जा दिलाए जाने के चार महीने बाद कथित रूप से दबंगों द्वारा रात के अंधेरे में पिलर और जाली उखाड़कर जमीन पर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायती पत्र देकर विपक्षियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। मामला जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के जैनापुर गांव का है।
जानकारी के अनुसार, जैनापुर गांव निवासी शिकायतकर्ता रवि कुमार पांडेय ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि गांव स्थित खेत के गाटा संख्या 1064 की भूमि की पैमाइश चकबंदी अधिकारी के आदेश पर 6 जून 2026 को कराई गई थी। इस दौरान राजस्व एवं चकबंदी विभाग की टीम के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कर निशानदेही की गई और निर्धारित सीमा पर पिलर लगाकर जालीदार तार से घेराबंदी की गई थी।
पीड़ित का आरोप है कि घेराबंदी किए जाने के करीब चार महीने बाद बगल के खेत के इंद्रजीत, राहुल, निर्मला, राम नवल सहित अन्य लोगों ने रात के अंधेरे में पिलर और जालीदार तार को उखाड़ दिया तथा उसकी खतौनी की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी पक्ष की खतौनी के अनुसार उसका रकबा पहले से ही पूर्ण है, इसके बावजूद उसकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने और अपनी भूमि पर कब्जा सुरक्षित कराने की मांग की है। शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी ने शिकायती पत्र पर जलालपुर कोतवाल को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस संबंध में जलालपुर कोतवाल अजय प्रताप यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में है आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।