अम्बेडकर नगर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उर्वरक समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में विभिन्न उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और वितरण की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। जिला कृषि अधिकारी ने अवगत कराया कि जुलाई माह तक के लिए निर्धारित क्रमिक लक्ष्य की तुलना में अधिकांश उर्वरकों की उपलब्धता जनपद में संतोषजनक है।
बताया गया कि यूरिया का लक्ष्य 23926 मीट्रिक टन के सापेक्ष 28069 मीट्रिक टन, डीएपी का लक्ष्य 4709 मीट्रिक टन के सापेक्ष 5151 मीट्रिक टन, एमओपी का लक्ष्य 280 मीट्रिक टन के सापेक्ष 349 मीट्रिक टन उपलब्ध है। हालांकि एनपीके लक्ष्य 1670 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1502 मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ है। एसएसपी की आपूर्ति लक्ष्य 10325 मीट्रिक टन के सापेक्ष 14990 मीट्रिक टन रही है।
जनपद में सहकारी एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से कुल यूरिया 20172 मीट्रिक टन, डीएपी 1877 मीट्रिक टन, एनपीके 847 मीट्रिक टन, एसएसपी 13987 मीट्रिक टन तथा एमओपी 287 मीट्रिक टन की उपलब्धता है। पीसीएफ बफर में यूरिया का 962.955 मीट्रिक टन का स्टॉक भी उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद के सभी उर्वरक विक्रेता अपने प्रतिष्ठानों पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कहीं भी उर्वरकों की जमाखोरी न हो और किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक मिलें।
बैठक में यह भी बताया गया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए सहकारिता क्षेत्र में 2 रैक यूरिया एवं 1 रैक डीएपी की मांग की गई है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र ही होगी। निजी क्षेत्र में भी किसी प्रकार की कमी नहीं है। किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी उर्वरक केंद्रों से पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करें और किसी भी अनियमितता की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।