अयोध्या। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत किन्तु अमान्यता प्राप्त 121 राजनीतिक दलों में से कई दलों पर निर्वाचन आयोग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयोग ने पाया कि इन दलों ने वर्ष 2019 से 2025 के बीच आयोजित किसी भी चुनाव में भाग नहीं लिया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश ने संबंधित दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें भारत भविष्य पार्टी को सुनवाई हेतु 2 सितम्बर और सत्य शिखर पार्टी को 3 सितम्बर 2025 की तारीख निर्धारित की गई है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अध्यक्ष/महासचिव को अपना प्रत्यावेदन, हलफनामा और सभी आवश्यक अभिलेख 21 अगस्त 2025 तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय (चतुर्थ तल, विकास भवन, जनपथ मार्केट, लखनऊ) में जमा करने होंगे। इसके बाद नियत तिथियों पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित होना होगा।
निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रत्यावेदन न देने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित पार्टी के पास कहने को कुछ नहीं है। ऐसी स्थिति में मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की संस्तुति के साथ इन दलों को राजनीतिक दलों की सूची से हटाए जाने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।