अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जनपद के बाढ़ संभावित क्षेत्रों की तहसीलवार समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को पूर्व तैयारियों को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे क्षेत्र में भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझें। उन्होंने सरयू, तमसा, गोमती व बिशुही नदियों के कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी नालों और ड्रेनेज की समय रहते सफाई कराई जाए, जिससे जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो। साथ ही बाढ़ चौकियों, राहत केंद्रों और राहत शिविरों को पूरी तरह सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, लाइफ जैकेट, गोताखोरों व नाविकों की सूची, आवश्यक वाहन तथा राहत किट की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य संचालित किए जा सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (एफआर) अमित कुमार भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अभियंता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।