अम्बेडकरनगर। माझा कम्हरिया गांव में सरयू नदी की कटान से उत्पन्न संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा किया गया तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन और अनशन आखिरकार रंग लाया। जिला मुख्यालय के एक होटल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने पर जब वह कांग्रेस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां की स्थिति बेहद गंभीर मिली।
उन्होंने कहा कि माझा कम्हरिया में करीब 250 घर और कृषि भूमि कटान की चपेट में आ चुके हैं, जिससे लगभग 20,000 की आबादी को बाढ़ और विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि बीते तीन वर्षों से लोग प्रशासन को लगातार ज्ञापन दे रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। नदी से गांव की दूरी अब मात्र 800 मीटर रह गई है, जो पहले करीब दो किलोमीटर थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं के सहयोग से अनशन और जल सत्याग्रह की शुरुआत की। तपती धूप और बारिश की परवाह किए बिना कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण लगातार अनशन स्थल पर डटे रहे। इस जनआंदोलन की गूंज मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक पहुंची।
जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पत्रकारों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग, ग्रामीणों के समर्थन और कांग्रेसजनों के संघर्ष के चलते आखिरकार प्रशासन को हरकत में आना पड़ा। अपर जिलाधिकारी सदानंद गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर कटान से बचाव के लिए स्थायी समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद अनशन को तीसरे दिन समाप्त किया गया।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष राम कुमार पाल, जिला उपाध्यक्ष द्विजेन्द्र नारायण शुक्ल, कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार मिश्र बब्लू, गुलाम रसूल छोटू, डॉ. सतीश चंद्र प्रजापति, अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष डॉ. आर. पी. कौशल, उदयभान मिश्र, दीपक मिश्र, राजीव गुप्ता, अशोक सत्यार्थी, सैयद ऐतबार हुसैन अक्कन, शीतला प्रसाद श्रीवास्तव सोनू, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद जियाउद्दीन अंसारी, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विशाल वर्मा, राकेश वर्मा, निशा, राजमणि वर्मा, कपिल देव वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।