◆ सेंट्रल बैंक सिविल लाइन अयोध्या पर हुई सभा, केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध
अयोध्या। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को अयोध्या में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन केंद्रीय श्रमिक संगठनों की 17 सूत्रीय मांगों और बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर किया गया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइन शाखा पर आयोजित सभा और प्रदर्शन का नेतृत्व यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के महामंत्री के.के. रस्तोगी, चेयरमैन सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और अधिकारी संगठन के नेता अशोक कुमार पांडेय ने किया।
प्रदर्शन में बैंकों के निजीकरण पर रोक लगाने, पर्याप्त नई भर्तियों की व्यवस्था, आउटसोर्सिंग पर रोक, ग्राहकों पर सेवा शुल्क में कटौती, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, प्रस्तावित श्रम संहिताओं की वापसी, और ट्रेड यूनियनों के अधिकारों में हस्तक्षेप बंद करने जैसी मांगें उठाई गईं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन सभी बैंक संगठनों को नैतिक समर्थन प्राप्त है।
महामंत्री के.के. रस्तोगी ने सरकार से मांग की कि चार श्रम संहिताएं, जिन्हें श्रमिक विरोधी बताया जा रहा है, उन्हें तत्काल वापस लिया जाए और वर्षों से लंबित इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को तुरंत बुलाया जाए।
अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि श्रम कानून की धारा 25 (1) में किए गए उस संशोधन को रद्द किया जाए, जिससे कार्यकाल 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रावधान किया गया है।
प्रदर्शन में महेंद्र पाठक, प्रवीण पांडेय, जितेंद्र यादव, सौरभ चंद, मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल हुए।