अयोध्या। दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या के प्राचीन धार्मिक स्थलों को संवारने की पहल के तहत हैदरगंज स्थित चित्रगुप्त मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग की ओर से 59.25 लाख रुपये की लागत से मंदिर परिसर में यात्री हॉल, भव्य प्रवेश द्वार, पेयजल व्यवस्था, पत्थर की बेंच और सौर प्रकाश सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं। जल्द ही परिसर का औपचारिक हस्तांतरण किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ इस प्राचीन धार्मिक स्थल को पर्यटन के रूप में भी विकसित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना को तीन मई 2025 को मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य अगस्त 2025 में शुरू हुआ। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद तथा यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की निर्माण इकाई, अयोध्या के समन्वय से परियोजना को पूरा किया गया। परियोजना प्रबंधन से जुड़े मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब परिसर को संबंधित विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे आमजन विकसित सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
श्रद्धालुओंकोमिलेंगीबेहतरसुविधाएं
हैदरगंज स्थित प्राचीन चित्रगुप्त मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। जीर्णोद्धार के बाद मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों को बैठने और विश्राम करने की बेहतर सुविधा मिलेगी। यात्री हॉल के निर्माण से श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए स्थान उपलब्ध होगा। वहीं, पेयजल व्यवस्था, पत्थर की बेंच और सौर प्रकाश से परिसर अधिक सुविधाजनक बनेगा। भव्य प्रवेश द्वार मंदिर के स्वरूप को भी आकर्षक बनाएगा।
धार्मिकपर्यटनकोमिलेगाबढ़ावा
अयोध्या में राम मंदिर के साथ अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों को भी विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। चित्रगुप्त धाम का जीर्णोद्धार इसी दिशा में एक पहल है। बेहतर यात्री सुविधाओं से यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता मिल रही है। ऐसे में चित्रगुप्त धाम का निखरा स्वरूप शहर के प्राचीन मंदिरों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने और उन्हें पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।