◆ 54 सुपरवाइजर की देख रख में उतरे 1500 से अधिक सफाई कर्मी
अयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी दीपोत्सव 2025 के स्वागत में सज-धज कर तैयार है। 19 अक्टूबर को होने वाले इस महोत्सव में अयोध्या दीपों की जगमगाहट, फूलों की महक और स्वच्छता के नए संकल्प के साथ श्रद्धा की आभा में नहाएगी। नगर निगम ने इस बार के दीपोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रत्येक वार्ड में दीप प्रज्ज्वलन की जिम्मेदारी पार्षदों को दी गई है। हर पार्षद को 1500 दीप वितरित किए जाएंगे, जिनसे वार्डों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घाटों को आलोकित किया जाएगा। गुप्तारघाट और नगर क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर भी दीपों की रोशनी बिखरेगी। रामपथ, भक्ति पथ और धर्मपथ की रेलिंग फूलों की मालाओं से सजी दिखेगी। नगर विकास विभाग द्वारा महत्वपूर्ण चौराहों और स्थलों पर चित्रात्मक पेंटिंग, म्यूरल आर्ट और बागवानी कार्य से वातावरण को और आकर्षक बनाया जा रहा है।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम ने 1500 से अधिक सफाई कर्मियों और 54 सुपरवाइजर्स की तैनाती की है। संपूर्ण मेला क्षेत्र में चूना छिड़काव, एंटी-लार्वा और फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राम की पैड़ी, रामकथा पार्क और सभी प्रमुख घाटों की सफाई दिन-रात की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 30 मोबाइल टॉयलेट्स और केयरटेकर सहित सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था की गई है।
नगर क्षेत्र में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए 983 हैंडपंपों की मरम्मत, पाइपलाइन लीकेज सुधार, नलकूप संचालन और नौ ओवरहेड टैंकों से शुद्ध जल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। 30 पानी के टैंकर, 15 वाटर कियोस्क, 90 वाटर कूलर और 25 स्मार्ट वाटर कियोस्क लगाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को ठंडा और शुद्ध पेयजल मिल सके।
पथ प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए रामपथ, धर्मपथ और भक्ति पथ के पोलों पर स्ट्रिप लाइटिंग लगाई जा रही है। सभी प्रमुख चौराहों, भवनों और घाटों को अतिरिक्त रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। वहीं, शहर को पॉलीथिन मुक्त और ‘जीरो वेस्ट’ आयोजन बनाने की अपील भी की गई है।
नगर निगम की निगरानी में दीपोत्सव की इस तैयारियों का मकसद श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और भक्ति से भरे वातावरण का अनुभव कराना है। 19 अक्टूबर को जब राम की पैड़ी और 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीप एक साथ जलेंगे, तो पूरा अयोध्या धाम आलोकित होगा। सरयू तट से लेकर रामपथ तक दीपों की यह श्रृंखला अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत को एक बार फिर विश्व पटल पर चमका देगी।