अयोध्या। श्रावण शुक्ल तृतीया पर मणि पर्वत पर आयोजित पारंपरिक मेले में रविवार को मणि महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या सजी। भजन, राष्ट्रगीत और कजरी की प्रस्तुतियों ने देर शाम तक श्रोताओं को बांधे रखा। भक्ति और लोक संगीत के रंग में श्रोता झूमते नजर आए।
महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि नगर आयुक्त जयेन्द्र कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत शास्त्रीय गायक पं. सत्यप्रकाश मिश्र ने राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से की। उन्होंने ‘जहां डाल–डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वह भारत देश है मेरा‘ गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने प्रभु राम से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी। श्रोता भावविभोर हो गए।
गायक दीपक शुक्ल ने ‘शंकर तेरी जटा से बहती है गंगधारा‘ भजन प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति पर श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। बृजमोहन तिवारी ने कजरी ‘कैसे खेले जयबू सावन मां कजरिया‘ सुनाई। कजरी की प्रस्तुति ने सावन की लोक संस्कृति का रंग बिखेरा।
चंद्रशेखर तिवारी ने राम भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगीत प्रेमी मौजूद रहे।
इस अवसर पर पार्षद विनय जायसवाल, चंदन सिंह, अनिकेत यादव, हरिश्चंद्र अग्रहरि, कार्यक्रम संयोजक भवानी प्रसाद त्रिपाठी, श्रीनिवास शास्त्री, मिथिला बिहारी दास, कथावाचक आचार्य ज्ञानचंद द्विवेदी, आदित्य दुबे, समर बहादुर सिंह, विजय सिंह, अवनीश दुबे और ओम प्रकाश दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।