Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या शहनाइयों की गूंज के बीच 185 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

शहनाइयों की गूंज के बीच 185 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

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◆ गोसाईगंज के राम सुचित महाविद्यालय में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुआ आयोजन, विधायक अभय सिंह ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद


◆ मयाबाजार के 90, तारुन के 92 और नगर पंचायत गोसाईगंज के तीन जोड़े हुए शामिल, एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी संपन्न


अयोध्या। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर गोसाईगंज स्थित राम सुचित महाविद्यालय में सोमवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में 185 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। शहनाइयों की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चार और खुशियों के माहौल के बीच नवदंपतियों ने नए जीवन की शुरुआत की। समारोह में एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी संपन्न कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। समारोह में मयाबाजार विकासखंड के 90, तारुन विकासखंड के 92 और नगर पंचायत गोसाईगंज क्षेत्र के तीन जोड़े शामिल हुए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं।

विवाह मंडप को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था। योजना के तहत नवदंपतियों को आर्थिक सहायता और गृहस्थी से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च में सहायता देकर उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करना है।


बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध : अभय सिंह


विधायक अभय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर आवास उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं उन्हें संपत्ति में अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

विधायक ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का आवश्यक सामान भेंट किया। उन्होंने बेटियों को आश्वस्त किया कि किसी भी परेशानी की स्थिति में वह और उनका परिवार हरसंभव सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।


योजना से मिली आर्थिक चिंता से राहत


तारुन विकासखंड के लाभार्थी अनुराग विश्वकर्मा ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। परिवार का खर्च और भाई-बहनों की पढ़ाई की जिम्मेदारी के बीच विवाह के लिए धन जुटाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से उन्हें सहारा मिला और बिना कर्ज की चिंता के विवाह संपन्न हो सका। उनकी पत्नी रोहिणी विश्वकर्मा ने भी योजना के सहयोग के लिए आभार जताया।

तारुन विकासखंड की लाभार्थी सकीना बानो ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं और परिवार में तीन बहनें हैं। ऐसे में विवाह का खर्च उठाना परिवार के लिए कठिन था। योजना के माध्यम से सहायता मिलने से उनका विवाह संपन्न हो सका। उनके पति मोहम्मद कयूम ने भी इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी पहल बताया।

समारोह में हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों से कराया गया, जबकि मुस्लिम जोड़े का निकाह धार्मिक परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। इस तरह आयोजन ने विभिन्न समुदायों के पात्र परिवारों को एक साथ सहायता उपलब्ध कराने का संदेश दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को विवाह के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के साथ सामाजिक सहयोग और एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में क्या मिलता है लाभ?


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना वर्ष 2017-18 से संचालित है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के साथ-साथ विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह में सहायता प्रदान करना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसमें 64 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाने, 21 हजार रुपये मूल्य की गृहस्थी की सामग्री उपलब्ध कराने और 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाने का उल्लेख है।

योजना का लाभ लेने के लिए कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक होनी चाहिए तथा आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। पात्रता और सहायता राशि से संबंधित नवीनतम नियमों की पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी चाहिए।

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