अयोध्या। गुप्तार घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान निर्माण से निकले मलबे को सरयू नदी में फेंके जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है और संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने तथा घाट की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गुप्तार घाट पर तीर्थ विकास परिषद और यूपीपीसीएल की देखरेख में लगभग 3.67 करोड़ रुपये की लागत से पत्थर लगाने एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्रभात कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निकले पत्थरों के स्क्रैप और मलबे को नदी में ही डाल दिया गया, जिससे घाट पर स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार घाट के आसपास बिखरे पत्थरों के कारण कई श्रद्धालु फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मलबा पानी के भीतर छिप गया है, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद यूपीपीसीएल के अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि जूनियर इंजीनियर को मौके पर भेजकर तत्काल मलबा हटाने और घाट की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।