अयोध्या। होली के त्योहार के बाद लोगों के खानपान का असर अब स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में पेट से जुड़ी समस्याओं और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। तली-भुनी और तेलयुक्त खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन के कारण कई लोगों को पाचन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल में गुरुवार को कुल 840 मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 405 मरीजों ने फिजीशियन से उपचार के लिए पर्ची बनवाई। चिकित्सकों के अनुसार इन मरीजों में बड़ी संख्या पेट दर्द, अपच, उल्टी-दस्त और वायरल बुखार से पीड़ित लोगों की रही। हालांकि होली के अगले दिन अधिक भीड़ की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन त्योहार के कारण सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या कुछ कम रही।
पिछले एक सप्ताह से मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 950 से 1050 मरीज पंजीकरण करा रहे थे। होली के बाद भी चिकित्सकों के पास पेट और वायरल बुखार के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि त्योहारों में असंतुलित भोजन और दिनचर्या बिगड़ने से इस तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं।
मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेन्द्र वर्मा ने बताया कि गुरुवार शाम तक मेडिसिन विभाग में 25 मरीज भर्ती किए गए, जिनमें शराब के सेवन, पेट संबंधी समस्याओं और वायरल फीवर के रोगी शामिल थे। ओपीडी में लगभग 250 मरीज पहुंचे, जिनमें 15 से 20 प्रतिशत मरीज पेट और वायरल संक्रमण से प्रभावित थे। उन्होंने सलाह दी कि पेट में किसी प्रकार की समस्या होने पर घरेलू उपचार के साथ चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
होली के दिन दुर्घटनाओं के घायलों से भरी रही इमरजेंसी
होली के दिन जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सड़क दुर्घटना और मारपीट के कई घायल उपचार के लिए पहुंचे। 4 मार्च को 25 गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जिनमें पांच मामले मारपीट से जुड़े थे। रंगों के कारण त्वचा और आंखों से संबंधित मरीज आने की आशंका के बावजूद इस बार ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। वहीं मेडिकल कॉलेज में होली के दिन 14 गंभीर मरीज भर्ती किए गए, जिनमें से तीन को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया, जबकि एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई।