अम्बेडकरनगर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन में अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी, के निर्देश पर दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों में कार्रवाई करते हुए एक प्रधान की प्रशासनिक व वित्तीय शक्तियां सीज कर दी गईं, जबकि दूसरी प्रधान को पदच्युत कर दिया गया। विकास खंड टांडा की ग्राम पंचायत फरीदपुर कुतुब में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता इरशाद आलम ने शपथ पत्र के माध्यम से आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान मो. अनीस द्वारा अपने भाई की फर्म से शासनादेश में निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत सामग्री की आपूर्ति कराई गई। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर प्रधान की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
वहीं विकास खंड अकबरपुर की ग्राम पंचायत सिकरोहर में मनरेगा अंतर्गत कराए गए कार्यों की प्रारंभिक जांच में भी अनियमितता सामने आई। इसके बाद प्रकरण की विस्तृत जांच अपर जिलाधिकारी से कराई गई। जांच में शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का प्रयास एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही सिद्ध होने पर ग्राम प्रधान रेखा देवी को सुनवाई के उपरांत पद से हटा दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।