◆ नव संवत्सर के स्वागत के लिए घरों में दीपकों जलाने की अपील
अयोध्या। हिंदू नव वर्ष के आगमन को लेकर धर्मनगरी अयोध्या में इस बार विशेष धार्मिक उत्साह और तैयारियां देखने को मिल रही हैं। नव संवत्सर के स्वागत के लिए शहर में विभिन्न धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा तय कर ली गई है। इस अवसर पर रामकोट की पारंपरिक परिक्रमा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसमें संत-महंतों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार नव संवत्सर की पूर्व संध्या 18 मार्च को रामकोट परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान संत-महंतों और श्रद्धालुओं का समूह भगवान रामलला के मंदिर सहित कुल 108 मंदिरों का दर्शन करते हुए परिक्रमा करेगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर संत समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
रामनगरी स्थित राम वल्लभा कुंज मंदिर में आयोजित बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और प्रमुख संत-महंतों ने कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। बैठक में बताया गया कि यह परंपरा पिछले 21 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है, जो अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
परिक्रमा शुरू होने से पहले श्रद्धालु मत गजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद श्रद्धालु रामकोट क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का दर्शन करते हुए परिक्रमा करेंगे और भगवान श्रीराम से देश, समाज और सनातन धर्म की उन्नति के लिए प्रार्थना करेंगे।
इस अवसर पर शाम के समय विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपने-अपने घरों और मंदिरों में धर्म ध्वज फहराने तथा दीप प्रज्वलित कर नव संवत्सर का स्वागत करने की अपील की गई है।
नव संवत्सर के अवसर पर होने वाले इन आयोजनों से अयोध्या में एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण देखने को मिलेगा।