◆ दीपोत्सव के दसवें वर्ष को भव्य बनाने की तैयारी, एक हजार कार्यकर्ता संभालेंगे दीप प्रज्ज्वलन की कमान
अयोध्या। दीपोत्सव के दसवें वर्ष को यादगार बनाने के लिए रामनगरी में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार श्रीराम जन्मभूमि परिसर एक लाख दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। दीप प्रज्ज्वलन के लिए करीब एक हजार कार्यकर्ता लगाए जाएंगे। व्यवस्थित आयोजन के लिए पूरे परिसर को पांच जोन में बांटकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अगले पांच दिनों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से शनिवार को यात्री सुविधा केंद्र के सभागार में आयोजित बैठक में आयोजन की कार्ययोजना तय की गई। ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले और जगन्नाथ गुलवे ने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों की जानकारी दी। श्रीरामलला मंदिर का विशेष अलंकरण किया जा चुका है। परिसर के अन्य हिस्सों को भी सजाने की तैयारी चल रही है।
जोन-1 में श्रीरामलला मंदिर, परकोटा, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला क्षेत्र में 30 हजार से अधिक दीप जलेंगे। इसकी जिम्मेदारी आचार्य केशव को दी गई है। जोन-2 में कुबेर टीला, सप्तमंडप, शेषावतार मंदिर और पंचवटी सहित अन्य स्थानों पर 30 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित होंगे। इसकी जिम्मेदारी चन्द्रन क्षितिज को सौंपी गई है।
जोन-3 में वापसी दर्शन मार्ग, पीएफसी प्लाजा और नल टीला पर 14 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। इसकी कमान पीपी मिश्रा संभालेंगे। जोन-4 में यात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य द्वार पर 13 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित होंगे। इसकी जिम्मेदारी कैप्टन जेपी द्विवेदी (सेवानिवृत्त) को दी गई है।
जोन-5 में श्रीराम जन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका पर 13 हजार दीप जलेंगे। नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व वाली टीम को उत्तर प्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ का सहयोग मिलेगा।
ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएंगी। दीपोत्सव अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।