◆ 21 झांकियों में दिखेगी रामायण के सातों कांड और सरकार की विकास योजनाएं, 650 कलाकार बिखेरेंगे लोक संस्कृति के रंग
अयोध्या। दसवें दीपोत्सव में इस बार रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत और विकास की झलक एक साथ देखने को मिलेगी। दीपोत्सव की शोभायात्रा को विशेष स्वरूप देते हुए पहली बार रामलीला के ‘सोलह शृंगार’ की परंपरा को शामिल किया जा रहा है। साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली 21 झांकियों में रामायण के सातों कांडों के प्रसंगों के साथ प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
सूचना विभाग की ओर से 14 झांकियां तैयार की जा रही हैं, जबकि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित सात झांकियां निकालेगा। साकेत महाविद्यालय परिसर में इनके निर्माण का काम शुरू हो चुका है। झांकियों के साथ अयोध्या की 16 रामलीला टीमें भी पहली बार शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगी।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी के अनुसार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में 14 प्रदेशों और उत्तर प्रदेश की 11 टीमें शामिल होंगी। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा और ओडिशा का संबलपुरी नृत्य आकर्षण का केंद्र होंगे। गाजीपुर का डिबिया नृत्य सहित विभिन्न लोककलाओं की प्रस्तुतियां भी होंगी। करीब 650 कलाकार रामपथ पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
जिला सूचना अधिकारी अनुराग रंजन ने बताया कि सरकारी योजनाओं पर आधारित झांकियों में जल जीवन मिशन, ओडीओपी, आयुष्मान कैशलेस योजना, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सहित 14 विषय शामिल हैं। आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के जरिए इन्हें तैयार किया जा रहा है।