जलालपुर, अंबेडकर नगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। तीन दिन तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध जताने के बाद कर्मचारियों ने बुधवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इसके तहत बुधवार से शुक्रवार तक अकबरपुर स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सामने जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए जलालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन ने छुट्टी पर गए चिकित्सकों को वापस बुलाकर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात किया है। संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से अस्पताल में चिकित्सकों की कमी हो गई थी। मरीजों की बढ़ती संख्या और आपातकालीन सेवाओं को सुचारु रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
एनएचएम के तहत संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रमुख मांग लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को नियमित करने की है। इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, नियुक्ति अंशदान, पद के अनुसार आवास और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की जा रही है।
कर्मचारियों ने स्थानांतरण नीति बहाल करने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने तथा आपसी सहमति और स्वयं के अनुरोध पर दूसरे जनपद में स्थानांतरण की सुविधा देने की भी मांग उठाई है। सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त जनपद और ब्लॉक स्तर पर आउटसोर्स के माध्यम से तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटरों सहित अन्य कर्मचारियों को समायोजित करने तथा स्वास्थ्य विभाग के नियमित पदों पर होने वाली भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों ने 24 सितंबर से 10 दिनों तक ज्ञापन भेजकर शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था। इसके बाद पांच से सात अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया। इसके बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया। आठ से 10 अक्टूबर तक जिला स्तरीय कार्य बहिष्कार के तहत कर्मचारी सीएमओ कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर को प्रदेशभर के एनएचएम संविदा कर्मचारी लखनऊ के इको गार्डन में जुटेंगे और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के साथ हड़ताल शुरू करेंगे। संविदा कर्मचारियों के आंदोलन के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। जलालपुर सीएचसी में छुट्टी पर गए चिकित्सकों को वापस बुलाकर इमरजेंसी ड्यूटी पर लगाने से मरीजों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।