Tuesday, September 22, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअयोध्यामानसिक दबाव से बचने के लिए संवाद और सकारात्मक सोच जरूरी

मानसिक दबाव से बचने के लिए संवाद और सकारात्मक सोच जरूरी


अयोध्या। श्री परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय में ‘आत्महत्या : एक मनोआघातमय घटना’ विषय पर एकदिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मनो परामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।

डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी, परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने में कठिनाई और समस्याओं को केवल दो छोरों में देखने की प्रवृत्ति आत्महत्या के जोखिम को बढ़ा सकती है। उन्होंने अवसाद और अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और समय रहते मदद उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि अत्यधिक अपेक्षाएं, दूसरों से लगातार तुलना, व्यक्तिगत संबंधों से जुड़ी परेशानियां और नशे की प्रवृत्ति मानसिक दबाव बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समस्याओं के समय संवाद और सहयोग लेने की सलाह दी।

डॉ. अमरजीत पांडे ने कहा कि रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देकर मानसिक तनाव से निपटने में मदद मिल सकती है। प्रोफेसर आर.आर. यादव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जिलाजीत दुबे ने किया।

इस अवसर पर डॉ. सुधांशु त्रिपाठी, डॉ. अजीत सिंह, श्रीमती रूबी पांडे, श्रीमती दीक्षा पांडे, डॉ. रूपम मिश्रा, डॉ. दिलीप तिवारी, डॉ. श्वेता गुप्ता, डॉ. दीपा जायसवाल, डॉ. इंद्र कुमार सिंह, डॉ. जेड हैदर और सुश्री पूर्णिमा तिवारी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments