अभिषेक दत्त ने बूथ मजबूत करने पर दिया जोर, भूमि अधिग्रहण और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर सरकार को घेरा
अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अयोध्या से संगठनात्मक तैयारियों को धार देने की कवायद शुरू कर दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी अभिषेक दत्त ने अयोध्या पहुंचकर कमला नेहरू भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसमें बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, जनता से सीधा संवाद बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद उन्होंने प्रेसवार्ता कर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर आरोप लगाए।
अभिषेक दत्त ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर काम कर रही है। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए कहा गया है। संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर पर विस्तार देने के लिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां भी तय की जा रही हैं।
सर्किल रेट को लेकर उठाए सवाल
प्रेसवार्ता में अभिषेक दत्त ने अयोध्या में भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2025 के बीच अयोध्या में सर्किल रेट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई। उनका कहना था कि इससे किसानों की जमीन पुराने और अपेक्षाकृत कम मूल्य पर अधिग्रहित किए जाने की स्थिति बनी।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 और 2024 में सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, उनके मुताबिक वर्ष 2023 में आसपास के कई जिलों में सर्किल रेट बढ़ाए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच जिन किसानों की जमीन पुराने सर्किल रेट पर ली गई, उनमें से कुछ मामलों में बाद में जमीन ऊंची दरों पर बेचे जाने की स्थिति सामने आई। कहा कि जून 2025 में सर्किल रेट बढ़ाया गया। कांग्रेस की मांग है कि इस अवधि में अधिग्रहित की गई जमीनों के किसानों को वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग भी उठाई।
राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में धार्मिक क्षेत्र से जुड़े संतों की भूमिका अधिक होनी चाहिए थी। उन्होंने ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।
मंदिर कर्मचारियों की आय और शैक्षणिक योग्यता की जांच से जुड़े हालिया बयानों पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। दत्त ने कहा कि भगवान राम के मंदिर में सेवा के लिए किसी व्यक्ति के साथ आर्थिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए अयोध्या में रहकर काम करने वाली व्यवस्था पर विचार होना चाहिए।
उन्होंने मंदिर से जुड़े चंदे और जमीन के मामलों में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
2024 के नतीजे का हवाला, 2027 को लेकर दावा
अभिषेक दत्त ने 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद संसदीय क्षेत्र में भाजपा की हार का उल्लेख करते हुए कहा कि 2024 तो सिर्फ झांकी है, 2027 अभी बाकी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सरकार को सत्ता से बाहर करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर अयोध्या में सामने आए कथित घोटालों और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहेगी।