जलालपुर, अंबेडकर नगर। शनिवार को जलालपुर तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ईशा प्रिया और पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 88 फरियादियों ने अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में जाफराबाद निवासी दिव्यांग गमखार ने शौचालय निर्माण की मांग को लेकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि तहसील दिवस और नगर पालिका में पांच बार प्रार्थनापत्र देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चौबे का पूरा गांव निवासी कुसुमलता, सुरेश, तिलकधारी, गुलाम समेत दर्जनों ग्रामीणों ने रास्ते की समस्या को लेकर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। नाराज ग्रामीण समाधान दिवस परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
जैतपुर थाना क्षेत्र के पुलई गांव निवासी रामनयन ने बताया कि भूमि बंटवारे के लिए वह कई बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन लेखपाल द्वारा मामले का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। वहीं नसीरपुर निवासी संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि वर्षों पुराने आबादी के रास्ते पर विपक्षी शिवकुमार आदि ने जबरन दीवार खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया है। मामले में कई बार शिकायत के बावजूद संबंधित लेखपाल द्वारा कार्रवाई नहीं की गई।
अरविंद शर्मा और आनंद शर्मा ने शिकायत में बताया कि रास्ते की भूमि पर नारायण शर्मा, विनोद शर्मा समेत अन्य लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया था। प्रशासन द्वारा दो बार कब्जा हटवाया गया, लेकिन स्थायी कानूनी कार्रवाई न होने के कारण समस्या दोबारा उत्पन्न हो रही है। पीड़ितों ने पांच से अधिक बार शिकायत किए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने की बात कही।
शिवपाल निवासी त्रिलोकी विश्वकर्मा ने ग्राम सचिव और प्रधान पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए शिकायत की कि एक ही हैंडपंप को अभिलेखों में 11 बार दर्शाकर लाखों रुपये के गबन का मामला किया गया है। उन्होंने इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई न होने की बात कही।
मठिया कुरमीपुर निवासी बिन्नलाल ने शिकायत की कि उनके आवागमन के सार्वजनिक रास्ते पर सत्यनारायण दुबे और सनी दुबे द्वारा अवरोध रखकर रास्ता बाधित कर दिया गया है। उनका कहना है कि यह रास्ता वर्षों से सार्वजनिक आवागमन में इस्तेमाल होता आ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई।
उसरहा निवासी अमरावती यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। हाफिजपुर निवासी अबरार पुत्र गरीब उल्लाह ने गाटा संख्या 171 ख में बैनामा सुधार से संबंधित भूमि पर शत्रुघ्न, महेंद्र, राजकरण आदि पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया गया।
धमरूवा निवासी सुरेश ने आरोप लगाया कि बाबूलाल, सुभाष और अखिलेश ने सार्वजनिक रास्ते पर झोपड़ी रखकर जानवर बांध रखे हैं। विरोध करने पर मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। उन्होंने आधा दर्जन से अधिक बार शिकायत किए जाने के बावजूद रास्ता खाली न कराए जाने की शिकायत की।
किशुनपुर कबीरहा निवासी सोमकला ने बताया कि धारा 24 में आदेश होने के बावजूद लेखपाल और कानूनगो द्वारा मनमाने तरीके से पैमाइश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से लगातार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इस दौरान उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह, तहसीलदार शिव प्रकाश यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह, सीडीपीओ शेषनाथ वर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।