अयोध्या। रामनगरी में इन दिनों आस्था की एक अनूठी भेंट चर्चा का विषय बनी हुई है। ओडिशा के बड़गढ़ जिले से 121 रामभक्तों का जत्था भगवान श्रीराम के लिए दुर्लभ धार्मिक वस्तुएं लेकर अयोध्या पहुंचा है। संग्राहक सत्य केतन मोहंती के नेतृत्व में पहुंचे श्रद्धालु इन वस्तुओं को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विधि-विधान के साथ रामलला के चरणों में अर्पित करेंगे।
श्रद्धालुओं की ओर से लाई गई भेंट में 22 इंच का विशाल शंख विशेष आकर्षण का केंद्र है। दावा है कि यह शंख इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके अलावा जत्थे में दुर्लभ दक्षिणमुखी शंख, शंख–मोती की माला और हस्तलिखित संपूर्ण रामायण भी शामिल है।
श्रद्धालुओं के मुताबिक, इन चारों वस्तुओं को विशेष श्रद्धा और समर्पण की भावना से तैयार एवं संरक्षित किया गया है। हस्तलिखित रामायण को स्वयं हाथों से लिखा गया है, जबकि शंख-मोती की माला शंख से बने मोतियों से तैयार की गई है। दक्षिणमुखी शंख को भी हिंदू धार्मिक परंपरा में विशेष शुभ और पवित्र माना जाता है।
ओडिशा से आए रामभक्तों का कहना है कि अयोध्या और राम मंदिर को लेकर चल रही चर्चाओं का उनकी आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। भगवान श्रीराम के प्रति उनकी श्रद्धा पहले की तरह अटूट है। इसी भावना के साथ वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार प्रभु के चरणों में यह विशेष भेंट समर्पित करने पहुंचे हैं।
22 इंच के विशाल शंख को देखने के लिए रामनगरी में श्रद्धालुओं के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। ओडिशा से आई यह भेंट धार्मिक आस्था के साथ-साथ भक्तों के समर्पण की अनूठी मिसाल के रूप में चर्चा में है।