◆ एंटी करप्शन की कार्रवाई को बताया साजिश, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावन
अयोध्या। सोहावल तहसील के कैलपारा गांव में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम द्वारा पकड़े गए लेखपाल उत्कर्ष दीप के समर्थन में जिले के लेखपाल संघ ने मोर्चा खोल दिया है। कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जिलेभर के लेखपाल सदर तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। लेखपाल संघ ने एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को फर्जी और साजिशन फंसाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि लेखपाल उत्कर्ष दीप को जानबूझकर मामले में फंसाया गया है। उनका दावा है कि संबंधित फाइल में जबरन रुपये रखकर लेखपाल को दिए गए और इसके बाद एंटी करप्शन टीम को बुलाकर कार्रवाई कराई गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कार्रवाई वापस लेने की मांग
लेखपाल संघ ने उत्कर्ष दीप के खिलाफ हुई कार्रवाई वापस लेने, उन्हें ससम्मान पद पर बहाल करने और जिले में लेखपालों के खिलाफ पूर्व में की गई अन्य कार्रवाईयों को भी समाप्त करने की मांग की है।
धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लेखपालों के सामूहिक धरने के कारण सदर तहसील में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हुआ, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए तहसील पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जमीन की पैमाइश के नाम पर रिश्वत का आरोप
बताया गया कि उत्कर्ष दीप को जमीन की पैमाइश के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप किया था। कार्रवाई के बाद लेखपाल संघ के विरोध में उतरने से मामला अब प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। एंटी करप्शन कार्रवाई को लेकर संघ के आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।