◆ 2370 राहत किट और 1450 लंच पैकेट वितरित, 14 शरणालय व 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय
अयोध्या । सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच जिले के 11 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि शहरी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं है और कृषि क्षति की भी फिलहाल कोई सूचना नहीं है। जिला प्रशासन के अनुसार तटबंध सुरक्षित हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
घाघरा नदी पर रौनाही तटबंध और अयोध्या-बिल्वहरिघाट तटबंध तथा तमसा नदी पर गोसाईगंज क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने तटबंध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। प्रशासन की टीमें तटबंधों और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
बाढ़ से प्रभावित 11 गांवों में तहसील सदर के मांझा मूडाडीहा अयोध्या, मांझा मड़ना, मांझा रामपुरपुवारी और मांझा काजीपुर, सोहावल का मांझा कला तथा रुदौली तहसील के मुजेहना मजरे सरायनासिर, पूरे महंगू मजरे पसौवा, पूरे महंगू मजरे सण्डरी, अब्बूपुर मजरे बरई, कैथी मांझा मजरे कैथी और सुलेमपुर मजरे उधरीरा शामिल हैं।
2370 राहत किट वितरित
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को अब तक 2370 बाढ़ राहत किट वितरित की गई हैं। इनमें सदर तहसील में 1500, रुदौली में 645 और सोहावल में 225 किट शामिल हैं। इसके अलावा 1450 लंच पैकेट और पशुओं के चारे के लिए 350 कुंतल भूसा वितरित किया गया है।
जिले में कुल 14 बाढ़ शरणालय चिन्हित किए गए हैं। इनमें सोहावल तहसील के सहारा बाग स्थित शरणालय को सक्रिय किया गया है, जहां करीब 100 बाढ़ प्रभावित लोग रह रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सदर तहसील में छह, रुदौली में तीन और सोहावल में एक समेत कुल 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। आवागमन और निगरानी के लिए 18 नावें संचालित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा टीमें सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 37 टीमें लगाई हैं। टीमों ने अब तक 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन टैबलेट वितरित की हैं। पशु चिकित्सा विभाग की 21 टीमें प्रभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण, उपचार और जांच का काम कर रही हैं।
खतरे के निशान से 0.310 मीटर ऊपर जलस्तर
प्रशासन के अनुसार सरयू का खतरे का जलस्तर 92.730 मीटर है। 20 अगस्त की रात आठ बजे जलस्तर 93.040 मीटर दर्ज किया गया था। वर्ष 2026 में अब तक अधिकतम जलस्तर 93.100 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 0.370 मीटर ऊपर था। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 0.310 मीटर ऊपर बताया गया है।
वर्ष 2009 में सरयू का अधिकतम जलस्तर 94.010 मीटर दर्ज किया गया था। प्रशासन के मुताबिक वर्तमान स्थिति उस स्तर से नीचे है।
लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सदर, सोहावल और रुदौली तहसीलों के उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार खाद्यान्न, भूसा और अन्य राहत सामग्री का वितरण कराया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाई गई है और जलस्तर में बदलाव को देखते हुए राहत एवं बचाव टीमों को सक्रिय रखा गया है।