अयोध्या। जनपद में वर्षों से लंबित चकबंदी वादों के निस्तारण में तेजी आई है। मई से जुलाई 2026 के बीच प्रशासन ने 5,204 लंबित वादों में से 1,260 मामलों का निस्तारण कर करीब 25 प्रतिशत मामलों का समाधान किया है। जिला प्रशासन का दावा है कि पुराने मामलों को प्राथमिकता देने की रणनीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने 10 वर्ष तथा 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित चकबंदी वादों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने पुराने मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया।
आंकड़ों के अनुसार, जनपद में 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित 952 वादों में से 171 मामलों का निस्तारण किया गया, जो लगभग 18 प्रतिशत है। वहीं 5 से 10 वर्ष पुराने 559 लंबित वादों में से 80 मामलों का निपटारा किया गया, जो करीब 15 प्रतिशत है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष लंबित चकबंदी वादों का भी समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को समय पर न्याय उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से नियमित समीक्षा करते हुए पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा है।