अम्बेडकर नगर। देव इंद्रावती महाविद्यालय में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. राणा रणधीर सिंह ने कहा कि नशा आज समाज की सबसे बड़ी बुराइयों में से एक है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
प्राचार्य डॉ. ए.बी. सिंह ने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद और बदलती जीवनशैली के कारण युवा नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बीरबल शर्मा ने बताया कि शराब, तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का बढ़ता प्रचलन चिंता का विषय है, जिससे युवाओं को बचाने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है।
डॉ. अमित पाण्डेय ने नशे से कैंसर, लीवर व किडनी की बीमारियों सहित मानसिक और शारीरिक कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं की जानकारी दी। सुधीर पाण्डेय और शिल्पी जायसवाल ने कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य, शिक्षा और सामाजिक सम्मान को बर्बाद कर देता है।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तेजभान मिश्र ने सभी छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मनोज मिश्रा, अंबरीश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, विजय शंकर पाण्डेय सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।