अम्बेडकर नगर। बाल श्रम उन्मूलन और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, पुरानी तहसील परिसर अकबरपुर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारत सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर चलाए जा रहे ‘12 साल विश्वास के, जन कल्याण के’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सहायक श्रमायुक्त संत पाल ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा श्रम कार्य में लगा दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बाल श्रम निषेध से जुड़े कानूनी प्रावधानों, बाल अधिकारों तथा श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला सेवायोजन अधिकारी प्रीति मिश्रा ने रोजगार संगम पोर्टल और सेवामित्र पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया।
संगोष्ठी में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जन शिक्षण संस्थान, जन साहस संस्था के कार्यकर्ताओं तथा श्रम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।