अयोध्या। जिले में संचालित पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों की अनियमितताओं पर नकेल कसते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को कठोर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति और बिना योग्य तकनीकी स्टाफ के संचालन पाए जाने पर कुल तीन पैथोलॉजी लैब और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया। कार्रवाई का दायरा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर के आसपास संचालित संस्थानों पर केंद्रित रहा।
लाल पैथ लैब केस के बाद विभाग सक्रिय
पिछले दिनों रिकाबगंज स्थित लाल पैथ लैब की शाखा में भारी अनियमितताएं मिली थीं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे सील कर दिया था। इस पूरे मामले के बाद विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया और जिला स्तर पर निरीक्षण अभियान की तैयारी शुरू हुई। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न केंद्रों की जांच और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव और डॉ. राजेश चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गईं।
शनिवार को डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव की अगुवाई वाली टीम दर्शननगर क्षेत्र में गई और कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच में जिन चार मेडिकल संस्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां चिकित्सक व पैथोलॉजी टेक्नीशियन मौजूद नही मिले। टीम द्वारा दस्तावेज मांगे जाने पर संचालक या कर्मी कोई वैध प्रपत्र उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद नियमों के तहत संबंधित सभी प्रयोगशालाओं को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
स्टाफ और नवीनीकरण की कमी बनी बड़ी समस्या
जांच में पाया गया कि कई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों में वह स्टाफ नहीं तैनात है, जिनके नाम नवीनीकरण या लाइसेंस के समय सूचीबद्ध किए गए थे। कई केंद्रों ने तो नए नियमों के कारण इस वर्ष अपना नवीनीकरण तक नहीं कराया है।