अयोध्या। धार्मिक नगरी अयोध्या इस बार गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजेगी। महाराष्ट्र की तर्ज पर यहां पहली बार गणेश महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 27 अगस्त से 6 सितम्बर तक चलने वाले इस पर्व में शहर के 101 पंडालों में गजानन बप्पा विराजमान होंगे।
गणेश महोत्सव की तैयारियों को लेकर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें एडीएम सिटी योगानंद पांडेय, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी मौजूद रहे। समिति अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बताया कि 5 सितम्बर को सभी पंडालों पर भव्य भंडारा होगा, जबकि 6 सितम्बर को चौक, जमुनियाबाग और रिकाबगंज मार्ग से शोभायात्रा निकलकर गुप्तारघाट स्थित निर्मली कुंड पर विसर्जन के साथ महोत्सव सम्पन्न होगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। अधिकारियों का कहना है कि पंडाल परंपरागत स्थलों पर ही लगेंगे और पूजा-अर्चना निर्विघ्न सम्पन्न कराई जाएगी।
इस बार मूर्तियों में भी खास आकर्षण है। कोलकाता के प्रसिद्ध मूर्तिकार तरुण दास ने सबसे महंगी मूर्ति ₹35 हजार की बनाई है। इसके अलावा मुंबई से भी अलग-अलग प्रतिमाएं लाई गई हैं, जिन्हें श्रद्धालु घरों में स्थापना के लिए ले जा रहे हैं।
गणेश महोत्सव के दौरान अयोध्या न केवल भक्ति-भाव से सराबोर होगी, बल्कि सांस्कृतिक आयोजनों की रंगारंग झलकियां भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी।