अयोध्या। इंटेक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फार आर्ट एण्ड कल्चरल हेरिटेज,नई दिल्ली) की टीम ने अवध विश्वविद्यालय के इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के कोशल संग्रहालय का इंटेक अयोध्या टीम ने भ्रमण किया। इंटेक अयोध्या चैप्टर की संयोजिका मंजुला झुनझुनवाला ने संग्रहालय मे अन्य क्रियात्मक तत्वों को भी समाहित किए जाने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में स्थापित होने के कारण विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कौशल संग्रहालय बहुत महत्वपूर्ण है। इस कारण इसके विकास की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति एवं पुरातत्व की इन धरोहरों को संजोने के साथ शोधार्थियों से जोड़ने की आवश्यकता है। वर्तमान पीढ़ी को आकर्षित कर सके एवं स्वयं और समाज को भारतीय संस्कृति से जोड़ सके। इससे वे अपनी घरोहरों को गहराई से समझ सकेंगे। इंटैक नई दिल्ली, पूरे भारत वर्ष मे कला और सांस्कृतिक घरोहरों को सुरक्षित, संरक्षित एवं प्रचारित करने के लिए कटिबद्ध है। गोप्तार घाट स्थित गुप्त हरि मंदिर के संरक्षण का कार्य इंटेक वर्तमान समय में कर रही है।
कोसल संग्रहालय के समन्वयक डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि कोसल संग्रहालय का विस्तार तथा नवीनीकरण प्रस्तावित है जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होगा। डॉ. चौधरी ने कहा कि कोसल संग्रहालय को भारतीय संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली से क्षेत्रीय संग्रहालय के रूप में दर्जा प्राप्त है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में मूर्तिकला वीथिका, पुरातत्व वीथिका, टेराकोटा आर्ट गैलरी में हनुमान जी की 300 वर्ष पुरानी मूर्ति, भगवान ऋषभदेव की 1500 वर्ष पुरानी मूर्ति एवं मिट्टी के बर्तनों के अवशेष लगभग ढाई हजार वर्ष पुराने संरक्षित हैं।
वीथिका सहायक डॉ. देशराज उपाध्याय ने इंटैक टीम को कोसल संग्रहालय में भ्रमण कराकर संग्रहालय स्थित पुरातात्विक अवशेषों के महत्व और उनके ऐतिहासिकता से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कौशल संग्रहालय में जनजातीय गैलरी का भी निर्माण प्रस्तावित है। इस अवसर पर इंटेक के सदस्यों में सह संयोजक अनुजा श्रीवास्तव, वी के जोशी, सदस्यों में अल्का मिश्रा, मीरा सिंह, गिरीश वैश्य, बबीता गौड़, वत्सला मिश्रा, अलीना जॉन शामिल रही।