Friday, March 6, 2026
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कृत्रिम अंगो के उपयोग से दिव्यांगजनों में बढ़ता है आत्मविश्वास


◆ अंतर्राष्ट्रीय प्रोस्थेटिक्स और आर्थोटिक्स दिवस पर कार्यशाला आयोजित


अयोध्या । अंतर्राष्ट्रीय प्रोस्थेटिक्स और आर्थोटिक्स दिवस के मौके पर जागरूकता कार्यशाला अवंतिका में आयोजित हुई। प्रोस्थेटिक्स और आर्थोटिक्स चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जो दिव्यांग व्यक्तियों का शारीरिक पुनर्वास सुनिश्चित करती है।

एसोसिएशन आफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को कृत्रिम जूता, हाथ आदि का प्रयोग करना चाहिए। इसके फायदे बताए। कहा कि इसके उपयोग से आत्मविश्वास बढ़ता है। जीवन जीना सहज हो जाता है। कहा कि जिनके पैर, हाथ में दिव्यांगता है, वह कृत्रिम अंग की सहायता से सामान्यजनों जैसा कार्य कर सकते हैं। साथ ही अन्य बीमारियों से बच सकेंगे।

चिकित्सा अधीक्षक डा. विपिन वर्मा व अस्थि शल्य चिकित्सक डा. आशीष श्रीवास्तव ने जिला चिकित्सालय में सुविधा बढ़ाये जाने तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। बच्चों को निश्शुल्क शिक्षा देने वाले सौमित्र दुबे अपनी जीवन यात्रा से लोगों को परिचित कराया। कहा कि आप न तो विशेष है और न ही अक्षम। बस, सोच बदलनी होगी। सोचने की दिशा सकारात्मक करने से ही आप अच्छा महसूस करेंगे। उन्होंने बताया कि किस तरह कृत्रिम उपकरण ने उनके जीवन को आसान बनाया और बदला। दिव्यांगजनों ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन समाजसेवी बंटी सिंह ने किया। इस अवसर पर दिव्यांग उद्यमी अजय पांडेय ने बताया कि वह कई वर्षों से कृत्रिम जूता का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कामकाज आसान बन गया है। कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी।

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