अयोध्या। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में अयोध्या नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कृष्णानगर वार्ड में शुक्रवार को नगर निगम द्वारा बर्तन भंडार का लोकार्पण किया गया। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने चिंतन इन्वायरमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप, एसवीआई फाउंडेशन और एसबीआई कंजर्व के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह को बर्तन भंडार सौंपा।
इस पहल का उद्देश्य सामुदायिक आयोजनों में प्लास्टिक के बर्तनों के उपयोग को समाप्त कर पर्यावरण अनुकूल विकल्प को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान ‘वेस्ट नो मोर इन अयोध्या’ अभियान के तहत वार्ड में डस्टबिन का वितरण भी किया गया। महापौर ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बर्तन भंडार के उपयोग, रखरखाव और इसके दीर्घकालिक लाभों की जानकारी दी।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि यह पहल प्लास्टिक मुक्त अयोध्या के संकल्प को सशक्त बनाएगी और नागरिकों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि गीला कचरा हरे और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालें, जिससे कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि नगर निगम चार वार्डों में 10 हजार डस्टबिन और कपड़े के थैले वितरित करेगा, ताकि प्लास्टिक के उपयोग को रोका जा सके।
इस अवसर पर नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि कचरा पृथक्करण और सामुदायिक बर्तन भंडार जैसी पहल स्वच्छ और सतत शहरी विकास की मजबूत नींव हैं। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन मुख्य संयोजक आलोक सिंह राना और एकता भटनागर ने किया। इसमें पार्षद रमाशंकर निषाद, सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।