अम्बेडकर नगर। जिला पंचायत के निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता की शिकायतों पर अब तकनीकी जांच का पहिया घूमने लगा है। अयोध्या मंडल की प्राविधिक परीक्षक तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ (टीएसी) ने इन परियोजनाओं की गहन जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता आनंद तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत ने 29 मई को कुल 97 निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किए थे। इनमें कुछ कार्यों पर तीन ठेकेदारों ने, जबकि कुछ पर चार ठेकेदारों ने निविदाएं डाली थीं। जिन कार्यों पर चार निविदाएं आईं, उन्हें निरस्त करते हुए 15 जुलाई को पुनः टेंडर जारी किए गए। बताया जा रहा है कि बाद में सभी कार्य चुनिंदा ठेकेदारों को आवंटित कर दिए गए।
आरोप है कि ठेकेदारों ने निर्माण में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा, न ही निर्धारित मानकों का पालन किया। इसके चलते सरकारी धन का दुरुपयोग और योजनाओं में भारी गड़बड़ी सामने आई है। यह भी कहा जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल अंतिम वर्ष में होने के कारण अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत से मनमाने तरीके से कार्य कराए गए।
टीएसी टीम अब प्रत्येक परियोजना की तकनीकी गुणवत्ता, सामग्री की मानकता और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच करेगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।