अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर ब्रह्मलीन महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि वेदांती जी महाराज भले ही आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन प्रभु श्रीराम, अयोध्या धाम और श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन को समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य रहे और आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर इसके सफल परिणाम तक उनकी सक्रिय सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि यह एक संयोग ही है कि वेदांती जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की कथा का वाचन करते हुए नश्वर देह का त्याग किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर विभिन्न आंदोलनों और आयोजनों में वेदांती जी महाराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने 25 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर में हुए धर्मध्वजा आरोहण समारोह में भी सहभागिता की थी। इसके साथ ही 5 अगस्त 2020 को मंदिर शिलान्यास और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के भी वे साक्षी रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ से वेदांती जी महाराज का गहरा और आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम से जुड़े प्रत्येक कार्य में वेदांती जी महाराज की निरंतर सहभागिता उनके समर्पण का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने वेदांती जी महाराज के शिष्यों, आश्रमवासियों और अनुयायियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनसे उनके आदर्शों का अनुसरण कर निरंतर रामकाज से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि वे वेदांती जी महाराज को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
उल्लेखनीय है कि डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज मध्य प्रदेश में रामकथा का वाचन कर रहे थे। इसी दौरान अस्वस्थ होने पर उन्हें रीवा ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।