अयोध्या। काशी-तमिल संगमम के चौथे संस्करण के तहत काशी से आए 250 विशिष्ट अतिथियों का शुक्रवार को अयोध्या में पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। लग्जरी बसों के माध्यम से जब अतिथि रामनगरी पहुंचे, तो राम की पैड़ी पर ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और पुष्प वर्षा के बीच उनका अभिनंदन किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी अतिथियों का पारंपरिक रीति से स्वागत किया।
अयोध्या पहुंचने के बाद अतिथियों ने सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि स्थित राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां दर्शन कर उन्होंने पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी अतिथियों को राम की पैड़ी ले जाया गया, जहां सरयू नदी, आरती स्थल और घाट की व्यवस्थाओं का अवलोकन कराया गया। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
दर्शन कार्यक्रम के पश्चात अयोध्या धाम बस अड्डे के समीप स्थित नवनिर्मित ऑडिटोरियम में विशिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी। यहां तमिल अतिथियों के लिए पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ अवधी और उत्तर भारतीय भोजन परोसा गया। भोजन के दौरान अतिथियों के बीच आपसी संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी देखने को मिला।
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि अयोध्या भ्रमण के दौरान तमिल अतिथियों ने धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ नगर की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा अतिथियों के लिए स्मरणीय रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।