जलालपुर अंबेडकरनगर। कोतवाली जलालपुर क्षेत्र में जमीन हड़पने के लिए नशीली दवा पिलाकर धोखाधड़ी से रजिस्ट्री कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक वर्ष पूर्व चार सितम्बर 2024 को हुई इस घटना में उपनिबंधक, लिपिक समेत सात लोगों पर जालसाजी, धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आलापुर तहसील के निकसपुर निवासी अमित कुमार पुत्र गामा प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कटका थाना क्षेत्र के दुलहुपुर स्थित उसकी पैतृक भूमि को हड़पने के लिए सरकारी जेई गुलाबचन्द पुत्र बरखूराम और उसका बेटा गोलू अपने साथियों के साथ साजिश रचकर उसे रिश्तेदारी के नाम पर बुलाए। शराब में नशीली दवा पिलाने के बाद नशे की हालत में एर्टिगा गाड़ी से जलालपुर रजिस्ट्री कार्यालय ले जाकर जबरन पैतृक जमीन का विक्रय लेख तैयार करा लिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि गवाह राजमणी यादव व अरविंद कुमार की मौजूदगी में पहले से तैयार दस्तावेजों पर उसके अंगूठे जबरन लगवाए गए। इस दौरान तत्कालीन उपनिबंधक संतराम वर्मा और लिपिक अखिलेश कुमार ने बिना पूछताछ पूरे दस्तावेजों को एथराइज कर दिया।
अमित कुमार के अनुसार, विक्रय पत्र में लाखों रुपये नकद और चेक का उल्लेख दिखाया गया, जबकि उसे कोई भुगतान नहीं किया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में जब उसने संपत्ति अपनी पत्नी के नाम वसीयत करने की कोशिश की तो उपनिबंधक कार्यालय के कर्मचारियों ने भी भगा दिया।
कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में उपनिबंधक, लिपिक, गुलाबचन्द, उसका बेटा गोलू, उसकी पत्नी और अन्य सहयोगियों सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।