अम्बेडकरनगर। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस चालकों एवं इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियनों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाने के महत्वपूर्ण तरीकों की जानकारी दी गई।
शासन के निर्देशानुसार एवं प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव के मार्गदर्शन में वाहन प्रभारी डॉ. विवेक श्रीवास्तव के अनुरोध पर निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. राना प्रताप द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में जिले में संचालित एएलएस व बीएलएस एंबुलेंस के चालक और ईएमटी कर्मचारी भाग ले रहे हैं। कुल 108 प्रतिभागियों को तीन दिनों में प्रतिदिन 36-36 के बैच में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन स्थिति में समय के महत्व और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है तो सीपीआर जीवन रक्षक प्रक्रिया के रूप में बेहद अहम होती है।
शिविर में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. राना प्रताप के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आपातकालीन सेवाओं को अधिक दक्षता के साथ निभा पाते हैं।