अयोध्या। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर अयोध्या नगर व अयोध्या धाम में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। परंपरा के अनुसार अयोध्या की प्रतिमाएं जमुनिया बाग में एकत्र होकर शोभायात्रा के रूप में सिविल लाइन होते हुए निर्मली कुण्ड पहुंचीं, जहां विधि-विधान से विसर्जन किया गया। वहीं, अयोध्या धाम क्षेत्र में विसर्जन की व्यवस्था नया घाट के पास की गई है।
इस बार अयोध्या नगर में 60 और अयोध्या धाम में 30 प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। विसर्जन के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर जुलूस का स्वागत किया गया और कई स्थानों पर भंडारे भी आयोजित हुए। धार्मिक वातावरण में डूबे श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ प्रतिमाओं को विदा करते दिखे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि चिन्हित लोगों की निगरानी में विसर्जन कराया जा रहा है। साथ ही यह प्रयास किया गया कि विसर्जन में शामिल सभी लोग सेफ्टी जैकेट पहनकर ही जल में उतरें। पर्याप्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती की गई है, जिससे व्यवस्था बनी रहे।
इस बीच केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा यातायात पर रोक नहीं लगाई गई है। इसके कारण कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। समिति ने मांग की कि ऐसे अवसरों पर यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी हो। धार्मिक उत्साह और सुरक्षा के बीच प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।