बसखारी अंबेडकर नगर। गायत्री परिवार द्वारा शुकुल बाजार रामलीला मैदान में आयोजित नौ कुण्डीय राष्ट्र जागरण महायज्ञ,संगीतमयी कथा एवं नव दम्पत्ति सम्मेलन के चौथे और अंतिम दिन दंपति सम्मेलन आयोजन किया गया। जिसमें सम्मिलित 24 जोड़ों का को विधिवत विवाह पद्धति के संबंध में बताया गया। और प्रतीकात्मक उनका विवाह भी संपन्न कराया गया।
शनिवार की सुबह गायत्री परिवार की राहुल दुबे की देखरेख में आई टोली में मौजूद राम मूर्ति, देवेश , आशुतोष कथा व्यास का पदभार ग्रहण करते हुए वैदिक मंत्रोंच्चारण के बीच हवन संपन्न करने के पश्चात। शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा चलाई जाने वाले आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी के अभियान के अंतर्गत नव दंपतियों को वैवाहिक संस्कार के संबंध में जानकारी दिया विवाह संस्कार में होने वाले समस्त कर्मों के बारे में विधिवत समझाया कथा व्यास ने बताया सबसे महत्वपूर्ण है नई पीढ़ी संस्कारों से दूर होती जा रही है जिसका दुष्परिणाम हमें आत्महत्या, संबंध विच्छेद जैसे तमाम भयावह समस्याओं के रूप में देखने को मिल रहा है किसी भी स्थिति में भावी पीढ़ी में इन संस्कारों को स्थापित करना हम लोगों का परमदायित्व है इस अवसर पर 24 जोड़ों का वैदिक रीति रिवाज से सांकेतिक विवाह भी संपन्न कराया गया । इसके साथी उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने संस्कारों को अपना कर अपना जीवन सुख में बने साथ ही आने वाली पीढ़ी में इन संस्कारों को सजाने का आवाहन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया । यज्ञ के अंतिम दिन भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने यज्ञ का प्रसाद ग्रहण किया।