◆ राम की पैड़ी पर दर्शक दीर्घा बनी आकर्षण, एक साथ बैठ सकेंगे 20 हजार श्रद्धालु
◆ एम्फीथिएटर, छतरियां और दीपकों से सजेगी रामनगरी
◆ सरयू घाटों का भव्य सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए बनेगा नया केंद्र
अयोध्या। दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के बीच अयोध्या का रूप निखरता जा रहा है। इस बार का दीपोत्सव केवल आस्था का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और संरचनात्मक विकास का भी प्रतीक बनेगा। राम की पैड़ी से लेकर सरयू घाटों तक चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों ने शहर को नया स्वरूप दिया है।
राम की पैड़ी पर दर्शकों के लिए बनाई गई भव्य सीढ़ियां और दर्शक दीर्घा अब श्रद्धालुओं का आकर्षण बन चुकी हैं। लगभग 350 मीटर लंबी इस संरचना में 18 से 20 हजार लोग एक साथ बैठकर दीपोत्सव का नज़ारा देख सकेंगे। यहां बनाए गए सेल्फी पॉइंट, मूर्तियां, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और पर्यटन सुविधाएं श्रद्धालुओं को नया अनुभव देंगी।
वहीं, आगामी परियोजनाओं के तहत राम की पैड़ी पर आठ छोटे एम्फीथिएटर, छह पत्थर की छतरियां, आठ भव्य दीपक और सात मीटर ऊंचे पत्थर के स्तंभ बनाए जा रहे हैं। इससे घाटों की सुंदरता और भी बढ़ जाएगी।
सरयू तट का पुनरुद्धार भी दीपोत्सव की तैयारी का अहम हिस्सा है। लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में 32 पत्थर की छतरियां, 11 स्तंभ, चार पूजा स्थल और एक वीआईपी पवेलियन का निर्माण हो रहा है। स्वच्छता, प्रकाश और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीएम निखिल टीकाराम ने बताया कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्रदान करना और अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना है। दीपोत्सव के दौरान सरयू घाटों और राम की पैड़ी का यह नया स्वरूप शहर की गरिमा को और ऊँचाई देगा।