अयोध्या। अपर आयुक्त रोड–1, राज्य कर अयोध्या जोन की अध्यक्षता में जिला व्यापार बन्धु की बैठक–व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना, पंजीयन आधार एवं राजस्व वृद्धि पर चर्चा करना तथा स्थानीय स्तर पर जीएसटी–2.0 में उपलब्ध व्यापारी सुविधाओं की जानकारी देना रहा। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में आ रही समस्याओं और उनके समाधान के लिए प्राप्त सुझावों को साझा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि एक समय विद्युत आपूर्ति की समस्या व्यापारियों की सबसे बड़ी चुनौती थी, जो वर्तमान में सरकार के प्रयासों से काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के शोषण और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में बदलाव करते हुए जीएसटी एवं जीएसटी–2.0 लागू किया गया, जिससे व्यापारी वर्ग को लाभ मिला है।
जीएसटी जागरूकता सत्र में उपायुक्त राज्य कर राम आशीष पाण्डेय ने पंजीयन, व्यापारी दुर्घटना बीमा, समाधान योजना तथा उसकी सरल प्रक्रियाओं की जानकारी दी। राज्य कर मुख्यालय की ओर से उपस्थित संयुक्त आयुक्त मधुरिमा मित्रा ने व्यापार संगठन प्रतिनिधियों एवं अधिवक्ताओं से जीएसटी में अपेक्षित सुधारों के लिए सुझाव देने का अनुरोध किया।
बैठक में उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता कल्याण परिषद के अध्यक्ष अतुल सिंह ने ईंट निर्माता व्यापारियों को विशेष समाधान योजना से बाहर रखने पर आपत्ति जताई। अधिवक्ता अरविन्द अग्रवाल ने जीएसटी के अंतर्गत पारित एकपक्षीय आदेशों की सुनवाई के लिए प्रथम अपीलीय अधिकारी की स्थानीय नियुक्ति की मांग की। कार्यक्रम में विभिन्न व्यापार संगठनों के प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।