अंबेडकर नगर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शुक्रवार को महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर चिकित्सीय सुविधाओं, भोजन, दवा वितरण व अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले एमसीएच विंग का भ्रमण किया। उन्होंने मरीजों से नाश्ता और भोजन की गुणवत्ता तथा समय पर उपलब्धता की जानकारी ली, जिस पर मरीजों ने संतोषजनक उत्तर दिया। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि हर माह खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मरीजों को दिए जाने वाले नाश्ता व भोजन का रैंडम परीक्षण कराया जाए। उन्होंने मरीजों को प्रतिदिन समय से नाश्ता, भोजन और शाम को चाय-बिस्किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने एमसीएच विंग में किड्स जोन बनाए जाने का निर्देश दिया, जहां बच्चों के खेलने हेतु खिलौने आदि की व्यवस्था होगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा नर्सिंग स्टाफ की कमी की जानकारी देने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बातचीत कर तत्काल स्टाफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जल्द ही जिला चिकित्सालय में एमएनसीयू मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट का संचालन प्रारंभ होगा। यह यूनिट संचालित करने वाला प्रदेश का तीसरा जिला अस्पताल होगा।
जिलाधिकारी ने पोस्ट नेटल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, दवा वितरण कक्ष व पंजीकरण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने दवा वितरण काउंटर पर दवाओं की उपलब्धता जांची और मरीजों से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दवा वितरण कक्ष के बाहर उपलब्ध समस्त दवाओं की सूची बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घोषणा की कि जन औषधि केंद्र अब 24 घंटे संचालित किया जाएगा, ताकि मरीजों को किसी भी समय सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकें। इस बीच एक मरीज ने ओपीडी के सर्जन कक्ष में तैनात डॉक्टर विपिन वर्मा की शिकायत की। जिलाधिकारी ने तुरंत सर्जन कक्ष पहुंचकर डॉक्टर से जवाब मांगा और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को डॉक्टर के विरुद्ध नोटिस जारी करने व मामला जिला स्वास्थ्य समिति में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने ओपीडी के सर्जन, बाल रोग, फिजिशियन, हृदय रोग, मानसिक रोग, टेली मेडिसिन, आयुष्मान कार्यालय, फिजियोथैरिपी, पीआईसीयू, ओटी और जनरल वार्ड सहित कई विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करें और अनावश्यक रूप से मरीजों को रेफर न करें। आयुष्मान भारत कार्यालय के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने योजना से संबंधित बोर्ड, पात्रता शर्तें, और लाभों की जानकारी जनसुलभ स्थान पर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान कार्ड निर्माण प्रक्रिया को और सरल बनाने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि पीआईसीयू, इमरजेंसी वार्ड और ओटी में भर्ती मरीजों का प्रतिदिन मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाए। साथ ही चिकित्सकों को निर्देश दिया कि रात्रि 10 से 11 बजे के बीच भी वार्डों में भ्रमण कर मरीजों का हाल जाना जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में तीमारदारों के प्रवेश समय को तय करने के निर्देश दिए और ब्लड बैंक में सैपरेटर यूनिट स्थापित करने हेतु प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया। उन्होंने हाईटेंशन तारों की शिफ्टिंग के लिए भी डीएसटीओ को पत्र भेजने को कहा।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सालय में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में सुधार कर मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।