अयोध्या। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी और सीमित संसाधनों के बीच इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना औसतन 1200 मरीज ओपीडी में परामर्श के लिए पंजीकरण कराते हैं, लेकिन 50 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल 21 चिकित्सक ही तैनात हैं। सबसे अधिक दबाव फिजीशियन, ईएनटी व रेडियोलॉजी विभाग पर है।
अस्पताल का ओपीडी परिसर भी अत्यधिक छोटा है, जहां बैठने से लेकर पंजीकरण तक मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। सोहावल क्षेत्र से आए मरीज के तीमारदार रमाकांत कहते है कि अस्पताल में जब देखो तो लाइन में लगना पड़ता है। पहले पंजीकरण कराने के लिए लाइन, उसके बाद ओपीडी में चिकित्सकों को दिखाने के लिए लाइन, इसके बाद जांच कराने के लिए लाइन लगानी पड़ती है।
अधर में लटका G-5 भवन, मरीजों को नहीं मिल पा रही आधुनिक सुविधाएं
17 नवंबर 2023 को प्रस्तावित जी-फाइव भवन का निर्माण अब तक कागजों में ही अटका हुआ है। यह भवन अस्पताल परिसर के पुराने जर्जर भवनों को हटाकर बहुमंजिला रूप में बनना है, जिसमें बेसमेंट में पार्किंग, भूतल पर इमरजेंसी ब्लॉक और ऊपर की मंजिलों पर विभागीय वार्ड बनने थे। यदि यह प्रस्ताव पास होता है तो ओपीडी, भर्ती व पार्किंग की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा।
सिर्फ 21 डॉक्टर तैनात, 29 पद रिक्त, फिजीशियन और चेस्ट विशेषज्ञ नहीं
फिजीशियन के तीन पदों में से सिर्फ डॉ. प्रशांत द्विवेदी कार्यरत हैं, चेस्ट फिजीशियन दोनों पद रिक्त हैं। रेडियोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, कार्डियोलॉजिस्ट, ईएनटी व सर्जन के भी कई पद खाली हैं। डॉक्टरों की यह कमी सीधे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रही है।
डिजिटलीकरण से घटेगा भीड़ का दबाव, पर जरूरी है संसाधन और स्टाफ
अस्पताल में आभा आईडी के जरिये पंजीकरण की शुरुआत हुई है, जिससे लाइन में लगने की आवश्यकता घट सकती है। लेकिन पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए हर काउंटर पर कंप्यूटर व प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता होगी। मरीजों की मांग है कि ऑनलाइन पर्चा प्रणाली शुरू की जाए, जिससे घर से ही समय लेकर डॉक्टर को दिखाने की सुविधा मिले।
चिकित्सकों की कमी का अस्पताल की चिकित्सीय सुविधाओं पर असर बिलकुल नहीं पड़ रहा है। यहां शासन के दिशा निर्देशों का शत प्रतिशत पालन किया जाता है। मरीजों को उनकी अपेक्षानुसार अच्छी चिकित्सीय सुविधाएं मिल रही है। मरीजों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं का लगातार निरीक्षण भी किया जाता है।
” डा. अजय सिंह गौतम, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, अयोध्या “