अयोध्या। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत ने पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक मामले में आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। यह मामला 7 जनवरी 2020 का बताया जा रहा है, जिसमें वादिनी के पिता की तहरीर पर थाना मवई में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अभियोजन के अनुसार आरोपी वीर बहादुर सिंह पुत्र कमलेश सिंह, निवासी पूरे विशेसन मजरे हंसराजपुर पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध का आरोप लगाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं मिल सके।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने न्यायालय को बताया कि मुकदमा रंजिशन दर्ज कराया गया था। उन्होंने दलील दी कि युवती के आरोपी के साथ जाने या बरामदगी का कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। मामले की पैरवी में अधिवक्ता विनीत कन्नौजिया, आकाश गौड़ और हिमांशु साहू भी शामिल रहे।