जलालपुर अंबेडकर नगर। टैक्सी स्टैंड की बोली कराने में नगर पालिका प्रशासन अपनी अड़ियल रवैया के कारण दूसरी बार भी विफल रहा। विगत 31 मार्च को ही बोली की अवधि समाप्त हो गई। नए वित्त वर्ष के लिए 27 मार्च एवं 3 अप्रैल को नीलामी की तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन दोनों तिथियां पर नगर पालिका परिषद के कडे रुख के कारण बोली नहीं हो सकी । वित्तीय वर्ष 2024- 25 में जहां 68लाख15 हजार में बोली हुई थी वही अब की बार 80 लाख 83 हजार से ऊपर बोली लगाने की शर्त पर सभी ठेकेदारों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। ठेकेदारों का मानना है कि घटते वाहनो की संख्या व मनमाने ढंग से चल रहे ई रिक्शा से वसूली कर पाना संभव नही है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा चालकों से किसी प्रकार की टैक्सी स्टैंड वसूली नहीं होती है विभिन्न मार्गों पर बढ़ते ई रिक्शा संख्या ठेकेदारों को पीछे हटने से मजबूर कर दिया। 31 मार्च को समाप्त हुए विगत नीलामी तिथि के बाद नगर पालिका प्रशासन द्वारा टैक्सी स्टैंड की वसूली की जिम्मेदारी स्वयं उठाना पड़ रहा है। वही एक अप्रैल को नगर पालिका प्रशासन किसी प्रकार की वसूली नहीं कर सकी जिससे नगर पालिका प्रशासन को राजस्व की हानि उठानी पड़ी तो वही 2 अप्रैल को वसूली के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा विभिन्न रोडो पर स्थापित टैक्सी स्टैंड पर पहुंचे तो वसूली मात्र 7500 रुपये ही कर सके जो पिछले ठेका नीलामी के आंकड़ों को देखा जाए तो प्रतिदिन लगभग 18 हजार रुपए की वसूली हो रही थी जिसमें लगभग 10 हजार का राजस्व घाटा नगर पालिका को हो रहा है। वही लगातार नगर पालिका को राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है । इस संबंध में अधिशासी अधिकारी आशीष सिंह से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि राजस्व के लिए तरह-तरह कदम उठाए जा रहे हैं।