अयोध्या। रामनगरी के यातायात को सुगम बनने के लिए रिंग रोड का निमार्ण काफी तेजी से चल रहा है। लगभग 3418 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 67.50 किलोमीटर लंबी और 60 मीटर चौड़े रिंग रोड पर सात फ्लाईओवर, चार रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), 16 वाहन अंडरपास, 11 मेजर ब्रिज और 18 माइनर ब्रिज का निर्माण होगा है। इसके अलावा सरयू नदी पर दो पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो अयोध्या को बस्ती और गोंडा से जोड़ेंगे।
परियोजना एनएच 27 (लखनऊ-गोरखपुर), एनएच 330 ए (अयोध्या-रायबरेली), एनएच 330 (अयोध्या-प्रयागराज), और 135 ए (अयोध्या-वाराणसी वाया अम्बेडकर नगर) को आपस में जोड़ेगी। सरयू पर पहला पुल राजेपुर के पास अयोध्या को बस्ती से जोड़ेगा, जबकि दूसरा पुल ढे़मुवा घाट अप साइड पर अयोध्या-गोंडा मार्ग को जोड़ेगा। इसके अलावा अयोध्या से वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और मनकापुर की रेलवे लाइनों पर चार आरओबी का निर्माण होगा।
90 फीसदी से अधिक भूमि का हो चुका अधिग्रहण
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। 90 फीसदी से अधिक जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, वर्तमान में छह मेजर ब्रिज, दो माइनर ब्रिज, छह फ्लाईओवर और 13 वाहन अंडरपास पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। कार्यदायी संस्था मेसर्स सीगल अयोध्या बाईपास हाइवे प्राइवेट लिमिटेड ने परियोजना पर तेजी से काम शुरू की कर दिया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो और गुणवत्ता के मानकों का पालन हो।
कई स्थलों पर अंडरपास और एम्बैंकमेंट का निर्माण शुरू
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा एनएच-27, एनएच-330ए और एनएच-330 पर एक साथ कई स्थलों पर कार्य किया जा रहा है। ग्राम कटरौली, मगलसी, मऊ यदुवंशपुर तथा खानपुर मसौदा में अंडरपास निर्माण कार्य गति पकड़ चुका है। हरिपुर जलालाबाद, हुंसेपुर, रायपुर मनापुर और खरगापुर में एम्बैंकमेंट (बंधा) निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण कार्य पूरे होने पर शहर का यातायात सुगम होगा और बाइपास बनने से अयोध्या आने-जाने वाले वाहनों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत कार्य विभिन्न स्थलों पर प्रगति पर हैं। तहसील सोहावल कई ग्रामों में सड़क, अंडरपास, फ्लाईओवर, लघु एवं प्रमुख पुलों के निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। इसके अतिरिक्त तहसील हर्रैया (जनपद बस्ती) के ग्राम के कई गांव में ट्रंपेट, पाइलिंग एवं पियर कैप के कार्य हो रहा है।