अयोध्या। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक जनपदीय शाखा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुलूस की शक्ल में निकलकर सदर तहसील पहुंचे और वहां प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। संघ के महामंत्री चंद्रजीत यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पांच वर्ष से अधिक सेवा अवधि वाले शिक्षकों को भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि आदेश में 3 सितंबर 2001 तक और 23 अगस्त 2010 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किए जाने का उल्लेख है।
उन्होंने कहा कि इस आदेश से शिक्षकों में भय और अवसाद का माहौल है। जिन शिक्षकों की नियुक्ति विभागीय सेवा शर्तों और योग्यता के आधार पर हुई थी, अब उनकी नौकरी खतरे में दिख रही है। टीईटी की अनिवार्यता वर्ष 2010 की अधिसूचना और 2011 के शिक्षा अधिकार अधिनियम से लागू की गई थी, इसलिए पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना अनुचित होगा। चंद्रजीत यादव ने कहा कि यदि इस नियम को लागू किया गया तो देशभर में लगभग 40 लाख शिक्षक और उनके परिवार प्रभावित होंगे। संघ ने मांग की है कि पुराने नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।