अयोध्या। टेढ़ी बाजार स्थित बृहस्पति कुंड का जीर्णोद्धार अंतिम चरण में है। लगभग 4.49 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य में कुंड को नया स्वरूप दिया जा रहा है। यहां दक्षिण भारत के तीन प्रसिद्ध भक्ति संगीतकार—त्यागराज स्वामीगल (1767-1847), पुरंदर दास (1484-1564) और अरुणाचल कवि (1711-1779)—की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इनके लिए तीन फाउंडेशन का निर्माण पूरा हो चुका है और मूर्तियां अगले दस दिनों में लगने की संभावना है।
वृहस्पति कुंड अयोध्या के 108 प्राचीन कुंडों में शामिल है, जिसका उल्लेख वेदों, पुराणों और उपनिषदों में मिलता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान राम और उनके भाइयों ने इन कुंडों में स्नान और धार्मिक अनुष्ठान किए थे।
परियोजना में पक्के घाट, स्वच्छ जल की व्यवस्था, बैठने की सुविधा, हरियाली, टॉयलेट ब्लॉक, सुरक्षा केबिन, सीसी रोड, चाहरदिवारी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शामिल हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आरसीसी रिटेनिंग वॉल का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य जल्द समाप्त होने की उम्मीद है।
राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव के अनुसार, जीर्णोद्धार से वृहस्पति कुंड को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया जाएगा। अयोध्या में पहले ही सूर्य कुंड और भरत कुंड का नवीनीकरण हो चुका है, जो अब प्रमुख दर्शनीय स्थल बन चुके हैं।